bharat ke neta por Neeraj SWAMI

नेता जी की आरती

जय खद्दरधारी देवा जय खद्दरधारी

पांच बरस सूं आवे जनता री बारी

बोलो जय खद्दरधारी

छल फरेब मक्कारी रग रग में भर दो

धंधो लोग करे ना थां वरगा कर दो

बोलो जय खद्दरधारी

लाज शर्म रो नातो दूर दूर ना हो

झूठा वादा करना सबने सिखला दो

बोलो जय खद्दरधारी

झूठी रोवे जनता थे ध्यान मति धरज्यो

एक काम नित करज्यो थांरो घर भरज्यो

बोलो जय खद्दरधारी

मांगन री या आदत छूट नहीं जावे

भोली भाली जनता चकरी चढ़ जावे

बोलो जय खद्दरधारी

घोटालो री किस्मत देवा थां सूं ही चाले

पूरो देश बेचलो थाने कुण पाले

बोलो जय खद्दरधारी

निरा निशरमा नीयत साफ नहीं लागे

वोटां सूं इण खातिर हेत घनो जागे

बोलो जय खद्दरधारी

है कवण री खातिर जनता री सेवा

जन जन भूख सूं व्याकुल थे खावो मेवा

बोलो जय खद्दरधारी

अजब हाजमो थारो सब कुछ खा जावो

चारो, गोबर, टोपन थे गटका जावो

बोलो जय खद्दरधारी

जो कोई आरती थांरी नित उठ के गावे

अगले सात जनम तक रोटी न पावे

बोलो जय खद्दरधारी


मेरा भारत महान